जानें चंद्र ग्रहण के दौरान धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जरूरी नियम
साल 2026 में चंद्र ग्रहण के अवसरों को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता है। ग्रहण के दौरान धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुछ विशेष नियमों का पालन किया जाता है।
ग्रहण के समय भगवान का स्मरण और मंत्र जाप करना शुभ माना जाता है। ॐ सोम सोमाय नमः का जाप किया जा सकता है।
चंद्र ग्रहण के समय मन को शांत रखें और ध्यान, प्रार्थना व भजन-कीर्तन करें। धार्मिक मान्यताओं में इसे शुभ माना गया है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण या सूतक काल में नए और शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए।
सूतक काल मान्य होने पर मंदिरों के कपाट बंद रखने और देवी-देवताओं की मूर्तियों को स्पर्श न करने की परंपरा है। हालांकि, मंत्र जाप और भगवान का स्मरण किया जा सकता है।
धार्मिक परंपराओं में ग्रहण काल के दौरान खाने-पीने से बचने की मान्यता है। खाने की चीजों में तुलसी दल रखने की परंपरा भी प्रचलित है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल में: – बाल और नाखून न काटें – नए काम शुरू न करें – शुभ-मांगलिक कार्यों से बचें – अनावश्यक यात्रा टालें
ग्रहण समाप्त होने पर: स्नान करें घर और पूजा स्थान की सफाई करें भगवान का स्मरण करें सामर्थ्य अनुसार दान-पुण्य करें
सूतक और धार्मिक नियमों का पालन स्थानीय परंपराओं तथा ग्रहण की दृश्यता पर निर्भर कर सकता है। भारत में किसी ग्रहण के दिखाई न देने की स्थिति में सूतक के नियम सामान्यतः लागू नहीं माने जाते। धार्मिक नियम आस्था और परंपराओं पर आधारित हैं।
चंद्र ग्रहण के समय क्या करें? मंत्र जाप भगवान का स्मरण ध्यान और प्रार्थना क्या न करें? शुभ कार्य बाल-नाखून काटना परंपरानुसार सूतक काल में पूजा संबंधी निषिद्ध कार्य