Raksha Bandhan पर भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां

रक्षाबंधन के दिन इन बातों का रखें विशेष ध्यान, वरना अधूरी रह सकती है पूजा।

भद्रा काल में न बांधें राखी

रक्षाबंधन पर राखी बांधते समय भद्रा काल का विशेष ध्यान रखें। परंपराओं में भद्रा काल को शुभ कार्यों के लिए उचित नहीं माना जाता।

गलत समय पर राखी न बांधें

राखी हमेशा शुभ मुहूर्त में बांधने की कोशिश करें। राहुकाल और अशुभ समय में राखी बांधने से बचें।

पूजा की थाली अधूरी न रखें

राखी की थाली में रोली, अक्षत, राखी, मिठाई और दीपक जरूर रखें। पूजा सामग्री पहले से तैयार कर लें।

बिना पूजा के राखी न बांधें

राखी बांधने से पहले भाई के माथे पर तिलक करें, अक्षत लगाएं और आरती उतारें। इसके बाद राखी बांधना शुभ माना जाता है।

भाई को खाली हाथ न रखें

राखी बांधने के बाद भाई को मिठाई खिलाएं और उसके सुख-समृद्धि की कामना करें। भाई भी बहन को प्रेम और सम्मान के साथ उपहार दे सकता है।

गलत दिशा में बैठकर न करें पूजा

रक्षाबंधन की पूजा करते समय साफ-सुथरे और शांत स्थान का चयन करें। संभव हो तो पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके पूजा करें।

भाई-बहन का प्रेम बनाए रखें

रक्षाबंधन सिर्फ राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के वचन का प्रतीक है। इस दिन आपसी मनमुटाव को भूलकर रिश्ते में मिठास घोलें।

रक्षाबंधन पर इन 5 गलतियों से बचें और शुभ तरीके से मनाएं भाई-बहन के प्रेम का पावन पर्व।