मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक है। इस दिन से उत्तरायण की शुरुआत होती है, जिसे शुभ और मांगलिक माना जाता है।
इस दिन किए गए दान, पूजा और स्नान का फल कई गुना बढ़ जाता है। माना जाता है कि उत्तरायण काल देवताओं का दिन शुरू होने का संकेत देता है।
तिल–गुड़ का सेवन दान—अन्न, वस्त्र, तिल सूर्य देव को अर्घ्य भगवान विष्णु की पूजा
भारत के अलग–अलग राज्यों में मकर संक्रांति अलग नामों से मनाई जाती है— • गुजरात: उत्तरायण • तमिलनाडु: पोंगल • पंजाब: लोहड़ी • असम: भोगाली बिहू
इस दिन की सबसे बड़ी पहचान—पतंगबाजी! आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर जाता है। यह उत्सव आनंद, स्वतंत्रता और उमंग का प्रतीक है।
“तिल गुड़ घ्या… गोड गोड बोला” तिल और गुड़ का सेवन शरीर को गर्म रखता है और रिश्तों में मिठास बढ़ाता है।
आपको और आपके परिवार को मकर संक्रांति की शुभकामनाएँ!