मकर संक्रांति 2025: सूर्य के उत्तरायण का पावन पर्व  Makar Sankranti Wishes, Significance & Traditions

मकर संक्रांति क्या है?

मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक है। इस दिन से उत्तरायण की शुरुआत होती है, जिसे शुभ और मांगलिक माना जाता है।

इस दिन का धार्मिक महत्व

इस दिन किए गए दान, पूजा और स्नान का फल कई गुना बढ़ जाता है। माना जाता है कि उत्तरायण काल देवताओं का दिन शुरू होने का संकेत देता है।

मकर संक्रांति पर क्या करें?

तिल–गुड़ का सेवन   दान—अन्न, वस्त्र, तिल   सूर्य देव को अर्घ्य   भगवान विष्णु की पूजा

मकर संक्रांति की परंपराएँ

भारत के अलग–अलग राज्यों में मकर संक्रांति अलग नामों से मनाई जाती है— • गुजरात: उत्तरायण • तमिलनाडु: पोंगल • पंजाब: लोहड़ी • असम: भोगाली बिहू

पतंगबाजी की परंपरा

इस दिन की सबसे बड़ी पहचान—पतंगबाजी! आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर जाता है। यह उत्सव आनंद, स्वतंत्रता और उमंग का प्रतीक है।

तिल–गुड़ का महत्व

तिल गुड़ घ्या… गोड गोड बोला” तिल और गुड़ का सेवन शरीर को गर्म रखता है और रिश्तों में मिठास बढ़ाता है।

आपको और आपके परिवार को मकर संक्रांति की शुभकामनाएँ!