मोक्ष प्रदान करने वाली एकादशी

मोक्षदा एकादशी 2025 भगवान विष्णु को समर्पित पावन व्रत है, जो पापों का शोधन करके आत्मा को मोक्ष की ओर ले जाता है।

मोक्षदा एकादशी 2025 कब है?

तारीख: 9 दिसंबर 2025  इस दिन व्रत, पूजा और भगवान विष्णु की आराधना अत्यंत शुभ मानी जाती है।

इस व्रत का महत्व

कहा जाता है कि मोक्षदा एकादशी के पुण्य से  पूर्वजों को मुक्ति मिलती है  आत्मा पवित्र होती है  जीवन में शांति, सुख और सद्बुद्धि का प्रवेश होता है।

मोक्षदा एकादशी व्रत कथा

धर्मराज नामक राजा के पिता यमलोक में कष्ट झेल रहे थे। राजा ने उपाय पूछा — ऋषि ने बताया कि मोक्षदा एकादशी का व्रत कर उनके पुण्य का दान करें। व्रत के पुण्य से राजा के पिता तुरंत मुक्ति को प्राप्त हुए।

व्रत कैसे करें?

 ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें  एकादशी तिथि में उपवास रखें  केवल फलाहार लें  विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें  रात्रि जागरण व भजन करें

पूजा विधि

पीले वस्त्र धारण करें  तुलसी, पीली कँवल, धूप–दीप से पूजा करें  विष्णु भगवान को गंगाजल, पंचामृत, धान, तुलसी दल अर्पित करें

क्या करें, क्या न करें

✔ सात्त्विक भोजन ✔ सत्य, दया और अहिंसा ❌ तामसिक भोजन ❌ क्रोध, विवाद, निंदा

मोक्षदा एकादशी के लाभ

पूर्वजों का उद्धार  पापों का शमन  मन की शांति  मोक्ष का मार्ग प्रशस्त  जीवन में दिव्य ऊर्जा का अनुभव

मोक्ष की चाह हर आत्मा की इच्छा होती है। मोक्षदा एकादशी वह दिव्य द्वार है जो पवित्रता, ज्ञान और मुक्ति की राह खोलता है।