गुजरात में नाग पंचम का पर्व 1 सितंबर 2026, मंगलवार को मनाया जाएगा। यह दिन नाग देवता की पूजा और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के लिए विशेष माना जाता है।
हिंदू धर्म में नागों को पूजनीय माना गया है। नाग पंचम पर नाग देवताओं की पूजा करके उनसे परिवार की रक्षा, सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की जाती है।
धार्मिक परंपरा में अनंत, वासुकि, शेष, पद्म, कंबल, कर्कोटक और अन्य नाग देवताओं का स्मरण किया जाता है। नाग पंचम पर श्रद्धापूर्वक नाग देवता की पूजा की जाती है।
नाग देवता की पूजा में जल, पुष्प, अक्षत, हल्दी-कुमकुम और नैवेद्य जैसी पूजन सामग्री अर्पित की जाती है। पूजा हमेशा श्रद्धा और स्थानीय परंपरा के अनुसार करनी चाहिए।
नाग पंचम के दिन नागों को नुकसान पहुंचाने से बचें। जीवित सांपों को पकड़कर या जबरन दूध पिलाने के बजाय प्रतीकात्मक रूप से नाग देवता की पूजा करना बेहतर है।
सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें। पूजा स्थान पर नाग देवता की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें। जल, पुष्प और अक्षत अर्पित करें और नाग देवता से परिवार के कल्याण की प्रार्थना करें।
नाग पंचम केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति सम्मान का संदेश भी देता है। नागों और अन्य वन्यजीवों की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है।
पूजा के साथ प्रकृति की रक्षा का लें प्रण इस नाग पंचम पर भगवान से परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करने के साथ-साथ प्रकृति और जीव-जंतुओं की रक्षा का संकल्प लें।
नाग पंचम पर सच्ची श्रद्धा, सात्विक भावना और प्रकृति के प्रति सम्मान ही सबसे महत्वपूर्ण है। नाग देवता से सुख, शांति और समृद्धि की कामना करें।