रक्षाबंधन के दिन इन बातों का रखें विशेष ध्यान, वरना अधूरी रह सकती है पूजा।
रक्षाबंधन पर राखी बांधते समय भद्रा काल का विशेष ध्यान रखें। परंपराओं में भद्रा काल को शुभ कार्यों के लिए उचित नहीं माना जाता।
राखी हमेशा शुभ मुहूर्त में बांधने की कोशिश करें। राहुकाल और अशुभ समय में राखी बांधने से बचें।
राखी की थाली में रोली, अक्षत, राखी, मिठाई और दीपक जरूर रखें। पूजा सामग्री पहले से तैयार कर लें।
राखी बांधने से पहले भाई के माथे पर तिलक करें, अक्षत लगाएं और आरती उतारें। इसके बाद राखी बांधना शुभ माना जाता है।
राखी बांधने के बाद भाई को मिठाई खिलाएं और उसके सुख-समृद्धि की कामना करें। भाई भी बहन को प्रेम और सम्मान के साथ उपहार दे सकता है।
रक्षाबंधन की पूजा करते समय साफ-सुथरे और शांत स्थान का चयन करें। संभव हो तो पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके पूजा करें।
रक्षाबंधन सिर्फ राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के वचन का प्रतीक है। इस दिन आपसी मनमुटाव को भूलकर रिश्ते में मिठास घोलें।
रक्षाबंधन पर इन 5 गलतियों से बचें और शुभ तरीके से मनाएं भाई-बहन के प्रेम का पावन पर्व।