विघ्नहर्ता गणेश जी का पावन दिन
एकदंत संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित विशेष व्रत है। इस दिन गणपति बप्पा के “एकदंत” रूप की पूजा की जाती है।
2026 में एकदंत संकष्टी चतुर्थी 5 मई (मंगलवार) को है। चतुर्थी तिथि 5 मई सुबह 5:24 बजे से 6 मई सुबह 7:51 बजे तक रहेगी, और मंगलवार होने के कारण इसे अंगारकी संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है।
इस व्रत को करने से सभी बाधाएं दूर होती हैं मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं जीवन में सुख-समृद्धि आती है
सुबह स्नान के बाद संकल्प लें गणेश जी को दूर्वा, मोदक अर्पित करें “ॐ गण गणपतये नमः” मंत्र का जाप करें
संकष्टी चतुर्थी का व्रत चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही पूरा होता है इसके बिना व्रत अधूरा माना जाता है
कहते हैं कि इस दिन भगवान गणेश की पूजा से बड़े से बड़ा संकट भी टल जाता है जीवन में नई शुरुआत होती है
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में यह व्रत मानसिक शांति देता है नेगेटिविटी को दूर करता है
गणेश मंदिर जाएं जरूरतमंदों को दान करें सकारात्मक सोच रखें
गणपति बप्पा मोरया आपके जीवन से हर विघ्न दूर करें