Bhagavad Gita के अनुसार असली सुख क्या है? जानिए क्यों ध्यान योगी कभी विचलित नहीं होता
Bhagavad Gita Chapter 6 Verse 21 सुखमात्यन्तिकं यत्तद्बुद्धिग्राह्यमतीन्द्रियम् । वेत्ति यत्र न चैवायं स्थितश्चलति तत्त्वतः ॥२१॥ जो सुख आत्यंतिक, अन्ततेंद्रिय […]
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