
Kamika Ekadashi Kab Hai 2026
वैदिक पंचांग के अनुसार श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 9 अगस्त 2026 को रात 3 बजकर 29 मिनट पर प्रारंभ होगी और उसी दिन रात 12 बजकर 34 मिनट तक रहेगी।
हालांकि, उदया तिथि के आधार पर कामिका एकादशी का व्रत 8 अगस्त 2026, शनिवार को रखा जाएगा।
कामिका एकादशी 2026 तिथि
- व्रत की तिथि: 8 अगस्त 2026 (शनिवार)
- एकादशी तिथि प्रारंभ: 9 अगस्त 2026, प्रातः 3:29 बजे
- एकादशी तिथि समाप्त: 9 अगस्त 2026, रात्रि 12:34 बजे
नोट: धार्मिक कार्यों और व्रत का निर्णय प्रायः उदया तिथि के अनुसार किया जाता है, इसलिए व्रत 8 अगस्त को रखा जाएगा।
कामिका एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त
इस वर्ष कामिका एकादशी के दिन अत्यंत शुभ सर्वार्थ सिद्धि योग का भी निर्माण हो रहा है, जिसे पूजा-पाठ और दान-पुण्य के लिए बेहद मंगलकारी माना गया है।
शुभ योग
- सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 6:03 बजे से 6:22 बजे तक
इस शुभ योग में भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र जाप, तुलसी पूजन और दान करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है।
कामिका एकादशी व्रत पारण समय
एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि में किया जाता है।
पारण तिथि: 9 अगस्त 2026
पारण का शुभ समय: सुबह 6:05 बजे से 8:38 बजे तक
धार्मिक मान्यता के अनुसार निर्धारित समय में ही व्रत का पारण करना शुभ माना जाता है।
कामिका एकादशी का धार्मिक महत्व
सनातन धर्म में कामिका एकादशी को अत्यंत पुण्यदायी और मोक्ष प्रदान करने वाली एकादशी कहा गया है। पद्म पुराण और अन्य धार्मिक ग्रंथों में इसका विशेष वर्णन मिलता है। कहा जाता है कि जो व्यक्ति इस दिन पूरे श्रद्धाभाव से भगवान विष्णु का व्रत रखता है और उनकी पूजा करता है, उसके समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं।
मान्यता है कि इस दिन किया गया व्रत, दान और पूजा अनेक तीर्थों के स्नान के समान पुण्य प्रदान करती है। भगवान विष्णु अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं और जीवन में सुख, शांति, समृद्धि तथा आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद देते हैं।
सावन में कामिका एकादशी का विशेष महत्व
कामिका एकादशी सावन महीने में आती है। सावन भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र महीना माना जाता है, वहीं भगवान विष्णु की उपासना भी इस माह अत्यंत फलदायी मानी गई है।
इस कारण कामिका एकादशी का व्रत करने से भगवान शिव और भगवान विष्णु दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होने की मान्यता है। यह व्रत घर-परिवार में सुख, शांति, धन और समृद्धि लाने वाला माना जाता है।
कामिका एकादशी पूजा विधि
कामिका एकादशी के दिन प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद व्रत का संकल्प लें।
पूजा के दौरान भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। उन्हें पीले पुष्प, पीले वस्त्र, चंदन, अक्षत, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें।
भगवान विष्णु को तुलसी दल अवश्य अर्पित करें, क्योंकि बिना तुलसी के उनकी पूजा अधूरी मानी जाती है।
इसके बाद “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें तथा विष्णु सहस्रनाम या श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ करें। शाम के समय भगवान की आरती करें और भजन-कीर्तन करें।
JOIN OUR WHATSAPP CHANNEL : CLICK HEAR
कामिका एकादशी के दिन क्या करें?
भगवान विष्णु की पूजा करें
पूरे श्रद्धाभाव से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें।
तुलसी पूजन करें
तुलसी माता की पूजा कर भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें।
मंत्र जाप करें
“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का अधिक से अधिक जाप करें।
दान-पुण्य करें
गरीबों, जरूरतमंदों और ब्राह्मणों को अन्न, वस्त्र, फल तथा दक्षिणा का दान करें।
सात्विक जीवन अपनाएं
दिनभर सात्विक भोजन, संयम और भगवान के स्मरण में समय व्यतीत करें।
कामिका एकादशी के दिन क्या नहीं करना चाहिए?
- तामसिक भोजन, मांस और मदिरा का सेवन न करें।
- क्रोध, झूठ और अपशब्दों से बचें।
- किसी का अपमान या अनादर न करें।
- तुलसी के पौधे को बिना आवश्यकता नुकसान न पहुंचाएं।
- व्रत के दिन नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
कामिका एकादशी व्रत के लाभ
कामिका एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति के जाने-अनजाने में हुए पाप नष्ट होने की मान्यता है। भगवान विष्णु की कृपा से परिवार में सुख-शांति और समृद्धि आती है। आर्थिक परेशानियां धीरे-धीरे दूर होती हैं और मानसिक तनाव कम होता है। यह व्रत आध्यात्मिक उन्नति, मन की शुद्धि तथा मोक्ष प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करने वाला माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धापूर्वक किया गया तुलसी पूजन और विष्णु आराधना तीर्थ स्नान के समान पुण्य प्रदान करती है।
कामिका एकादशी 2026 सावन मास की अत्यंत महत्वपूर्ण और पुण्यदायी एकादशी है। इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक भगवान विष्णु की पूजा, व्रत, तुलसी अर्पण, मंत्र जाप और दान-पुण्य करने से जीवन में सुख, समृद्धि, शांति और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यदि आप भगवान विष्णु की विशेष कृपा पाना चाहते हैं, तो 8 अगस्त 2026 को कामिका एकादशी का व्रत पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ अवश्य करें।
Disclaimer: इस लेख में दी गई धार्मिक जानकारी विभिन्न पंचांगों एवं प्रचलित मान्यताओं पर आधारित है। व्रत, पूजा और मुहूर्त संबंधी अंतिम निर्णय के लिए अपने स्थानीय पंचांग या योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य करें।
Read Also : Sawan Rules 2026: सावन में क्या करें और क्या न करें? भगवान शिव की कृपा पाने के लिए जानें जरूरी नियम










