कर्मों का कर्ता कौन है – मनुष्य या ईश्वर?

Bhagavad Gita Chapter 5 Verse 14

Bhagavad Gita Chapter 5 Verse 14 न कर्तृत्वं न कर्माणि लोकस्य सृजति प्रभुः ।न कर्मफलसंयोगं स्वभावस्तु प्रवर्तते ॥१४॥ अर्थात भगवान कहते हैं, ईश्वर मनुष्य को उसके कर्मों, कार्यों या उसके परिणामों के आधार पर नहीं बनाता, बल्कि प्रकृति ही उसके लिए कार्य करती है। Shrimad Bhagavad Gita Chapter 5 Verse 14 Meaning in hindi कर्मों […]

Chhath Puja 2025: नहाय खाय से उगते सूर्य को अर्घ्य तक – तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व की पूरी जानकारी

Chhath Puja 2025 Date Time

Chhath Puja 2025 क्या है? इसका आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व छठ पूजा सूर्य देव और छठी मैया की उपासना का महापर्व है, जो आस्था, तपस्या और परिवार की मंगलकामना का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में विशेष श्रद्धा से मनाया जाता है, लेकिन अब यह […]

Diwali 2025: दिवाली कब है? धनतेरस से भाई दूज तक पांच दिवसीय दीपोत्सव की पूरी जानकारी

Diwali 2025

Diwali 2025: दिवाली कब है? धनतेरस से भाई दूज तक पांच दिवसीय दीपोत्सव की पूरी जानकारी जानिए Diwali 2025 कब है, इस साल धनतेरस से भाई दूज तक पांचों त्योहारों की तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व। दीपावली 2025 की तारीख, लक्ष्मी पूजन का समय, गोवर्धन पूजा और भाई दूज के पर्व की पूरी जानकारी। दिवाली […]

कर्म न करते हुए भी सांख्य योगी कैसे सुखपूर्वक रहता है?

Bhagavad Gita Chapter 5 Verse 13

Bhagavad Gita Chapter 5 Verse 13 सर्वकर्माणि मनसा संन्यस्यास्ते सुखं वशी । नवद्वारे पुरे देही नैव कुर्वन्न कारयन् ॥१३॥ अर्थात भगवान कहते हैं, वश में किये हुए शरीर वाला मनुष्य, शुद्ध मन से सम्पूर्ण कर्मों का त्याग करके, नौ द्वारों वाले शरीर रूपी नगर में (अपने स्वरूप में) सुखपूर्वक स्थित रहता है, भले ही वह […]

Rama Ekadashi 2025: तिथि शुभ मुहूर्त पूजा विधि और महत्व

Rama Ekadashi 2025

Rama Ekadashi 2025: तिथि शुभ मुहूर्त पूजा विधि और महत्व रमा एकादशी भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्पित एक अत्यंत पवित्र व्रत है। यह व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को आता है और इसे करने से भक्तों को धन, सुख, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस लेख में […]

निष्काम भाव से कर्म करने का रहस्य क्या है?

Bhagavad Gita Chapter 5 Verse 12

Bhagavad Gita Chapter 5 Verse 12 युक्तः कर्मफलं त्यक्त्वा शान्तिमाप्नोति नैष्ठिकीम् ।अयुक्तः कामकारेण फले सक्तो निबध्यते ॥१२॥ अर्थात भगवान कहते हैं, कर्मयोगी अपने कर्मों के फलों का त्याग करके आध्यात्मिक शांति प्राप्त करता है, लेकिन भौतिकवादी व्यक्ति कामनाओं के कारण कर्मों के फलों में आसक्त हो जाता है और बंध जाता है। Shrimad Bhagavad Gita […]

Dhanteras 2025 कब है? जानें शुभ मुहूर्त पूजा विधि यम दीपम का समय और महत्व

Dhanteras 2025

Dhanteras 2025 कब है? जानें शुभ मुहूर्त पूजा विधि यम दीपम का समय और महत्व दीपों का पर्व दीवाली सुख, समृद्धि और रोशनी का प्रतीक है। इस पवित्र पर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है — जिसे धन त्रयोदशी भी कहा जाता है। धनतेरस के दिन माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान यमराज की पूजा […]

कर्मयोगी और सामान्य मनुष्य के कर्मों में क्या अंतर है?

Bhagavad Gita Chapter 5 Verse 11

Bhagavad Gita Chapter 5 Verse 11 कायेन मनसा बुद्ध्या केवलैरिन्द्रियैरपि । योगिनः कर्म कुर्वन्ति सङ्ग त्यक्त्वात्मशुद्धये ॥११॥ अर्थात भगवान कहते हैं, कर्मयोगी आसक्ति का त्याग करके इन्द्रियों, शरीर, मन और बुद्धि के माध्यम से (आसक्ति रहित होकर) केवल हृदय की शुद्धि के लिए कर्म करता है। Shrimad Bhagavad Gita Chapter 5 Verse 11 Meaning in […]

Karwa Chauth Vrat Katha in Hindi 2025 : सच्चे प्रेम और सतीत्व की अद्भुत कहानी

Karwa Chauth Vrat Katha in Hindi 2025

Karwa Chauth Vrat Katha in Hindi 2025 : सच्चे प्रेम और सतीत्व की अद्भुत कहानी करवा चौथ का व्रत हर सुहागिन स्त्री के लिए सबसे पवित्र और प्रिय पर्वों में से एक है। यह दिन पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और दांपत्य सुख की कामना के लिए रखा जाता है। इस व्रत में महिलाएं […]

Sharad Purnima Vrat Katha 2025: व्रत कथा महिमा और वैज्ञानिक महत्व

Sharad Purnima Vrat Katha 2025

Sharad Purnima Vrat Katha 2025: व्रत कथा महिमा और वैज्ञानिक महत्व शरद पूर्णिमा 2025 कब है? शरद पूर्णिमा 2025 का पर्व इस वर्ष [06 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 23 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन अगले दिन यानी 07 अक्टूबर को सुबह को 09 बजकर 16 मिनट पर होगा।] को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग […]

क्या ईश्वर को अर्पित कर्म पाप से मुक्त करते हैं?

Bhagavad Gita Chapter 5 Verse 10

Bhagavad Gita Chapter 5 Verse 10 ब्रह्मण्याधाय कर्माणि सङ्ग त्यक्त्वा करोति यः । लिप्यते न स पापेन पद्मपत्रमिवाम्भसा ।।१०।। अर्थात भगवान कहते हैं, जो मनुष्य अपने सभी कर्मों को भगवान को समर्पित करके तथा आसक्ति का त्याग करके करता है, वह जल में कमल की पंखुड़ियों की तरह पाप में नहीं फंसता। Shrimad Bhagavad Gita […]

Sharad Purnima 2025 : तिथि महत्व स्नान-दान का समय और पूजा विधि

Sharad Purnima 2025 : तिथि महत्व स्नान-दान का समय और पूजा विधि

Sharad Purnima 2025 : तिथि महत्व स्नान-दान का समय और पूजा विधि हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा का विशेष महत्व माना गया है। यह तिथि आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को आती है। शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा या आश्विन पूर्णिमा भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा सोलह […]