Shani Gochar 2026: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, क्या आपकी राशि है शामिल?

Shani Gochar 2026 वैदिक ज्योतिष में शनि ग्रह को कर्म, न्याय, अनुशासन और जीवन के महत्वपूर्ण परिवर्तन का कारक माना जाता है। जब भी शनि अपनी चाल बदलते हैं, मार्गी या वक्री होते हैं अथवा किसी नई राशि में प्रवेश करते हैं, तो उसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ता है। शनि की बदली हुई […]
Guru Gochar 2026: इन 6 राशियों पर बरसेगा धन और सफलता का आशीर्वाद

Guru Gochar 2026 ज्योतिष शास्त्र में गुरु ग्रह को ज्ञान, धन, भाग्य, विवाह, संतान, शिक्षा और आध्यात्मिक उन्नति का कारक माना जाता है। जब भी गुरु ग्रह अपनी राशि बदलते हैं, तो उसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर दिखाई देता है। वर्ष 2026 का गुरु गोचर कई राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ संकेत […]
Bhagavad Gita Chapter 6 Sloka 25: धीरे-धीरे मन को परमात्मा में स्थिर करने की साधना

Bhagavad Gita Chapter 6 Sloka 25 शनैः शनैरुपरमेद्बुद्ध्या धृतिगृहीतया । आत्मसंस्थं मनः कृत्वा न किञ्चिदपि चिन्तयेत् ॥२५॥ धीरे-धीरे धैर्य से बुद्धि के ज़रिए खुद को दुनिया से अलग करना और मन (बुद्धि) को परमात्मा के रूप में ठीक से स्थापित करना, फिर किसी भी चीज़ पर ध्यान न देना। Shrimad Bhagavad Gita Chapter 6 Verse […]
Bhagavad Gita Chapter 6 Verse 24: संकल्प और कामनाओं का त्याग कर मन को वश में करने का दिव्य रहस्य

Bhagavad Gita Chapter 6 Verse 24 संकल्पप्रभवान्कामांस्त्यक्त्वा सर्वानशेषतः।मनसैवेन्द्रियग्रामं विनियम्य समन्ततः ॥24॥ मन में उत्पन्न होने वाले सभी संकल्पों से पैदा हुई इच्छाओं का पूर्ण रूप से त्याग करके तथा मन के द्वारा इंद्रियों के समूह को चारों ओर से नियंत्रित करते हुए साधक को ध्यान में स्थिर होना चाहिए। Shrimad Bhagavad Gita Chapter 6 Verse […]
Nirjala Ekadashi 2026 Date: व्रत, पूजा और पारण समय

Nirjala Ekadashi 2026 Date हिंदू धर्म में एकादशी व्रतों का विशेष महत्व बताया गया है, लेकिन सभी एकादशियों में निर्जला एकादशी को सर्वोत्तम और सबसे पुण्यदायी माना जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इसे वर्ष की सबसे बड़ी एकादशी भी कहा जाता है। मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा और […]
Purushottam Maas Adhyay 30 31: भक्ति, दान और मोक्ष प्राप्ति का दिव्य मार्ग

Purushottam Maas Adhyay 30 31 पुरुषोत्तम मास को सनातन धर्म में भगवान श्रीकृष्ण का अत्यंत प्रिय महीना माना गया है। इस मास में किए गए जप, तप, दान, व्रत और कथा-श्रवण का फल अनंत गुना बढ़ जाता है। बृहन्नारदीय पुराण के पुरुषोत्तम मास माहात्म्य के अध्याय 30 और 31 में पतिव्रता धर्म की महिमा, व्रत […]
Purushottam Maas Adhyay 29: गोलोक प्राप्ति और गृहस्थ धर्म के रहस्य

Purushottam Maas Adhyay 29 पुरुषोत्तम मास माहात्म्य के अध्याय 29 में भगवान श्रीनारायण एक अत्यंत आश्चर्यजनक और प्रेरणादायक कथा का वर्णन करते हैं। यह अध्याय केवल पुरुषोत्तम मास की महिमा का ही वर्णन नहीं करता, बल्कि यह भी बताता है कि भगवान की कृपा कितनी असीम है। एक ऐसा व्यक्ति जिसने अपने जीवन में असंख्य […]
Purushottam Maas Adhyay 28: लोभी कदर्य ब्राह्मण को कैसे मिली वैकुण्ठ प्राप्ति?

Purushottam Maas Adhyay 28 पुरुषोत्तम मास की महिमा का वर्णन करने वाले ग्रंथों में अध्याय 28 एक अत्यंत प्रेरणादायक और चमत्कारिक कथा प्रस्तुत करता है। यह कथा बताती है कि भगवान श्रीहरि की कृपा कितनी असीम है और पुरुषोत्तम मास का प्रभाव कितना महान है। इसमें एक ऐसे ब्राह्मण कदर्य की कहानी है, जिसने जीवनभर […]
Purushottam Maas Adhyay 27 : राजा दृढ़धन्वा की तपस्या और कदर्य ब्राह्मण की कथा

Purushottam Maas Adhyay 27 पुरुषोत्तम मास माहात्म्य की कथाओं में अध्याय 27 अत्यंत प्रेरणादायक और जीवन को दिशा देने वाला अध्याय है। इस अध्याय में एक ओर राजा दृढ़धन्वा और उनकी पतिव्रता पत्नी गुणसुन्दरी की भक्ति, वैराग्य और तपस्या का वर्णन मिलता है, वहीं दूसरी ओर लोभ, कृपणता और अधर्म में डूबे कदर्य ब्राह्मण की […]
Purushottam Maas Adhyay 26 : व्रत पूरा होने पर कौन-सा दान करें? जानें वैकुण्ठ प्राप्ति का रहस्य

Purushottam Maas Adhyay 26 पुरुषोत्तम मास को सनातन धर्म में भगवान श्रीहरि विष्णु का अत्यंत प्रिय मास माना गया है। इस पवित्र माह में किए गए जप, तप, दान, व्रत और भक्ति का फल कई गुना बढ़कर प्राप्त होता है। श्रीबृहन्नारदीय पुराण में वर्णित पुरुषोत्तम मास माहात्म्य के अध्याय 26 में महर्षि वाल्मीकि ने राजा […]
Purushottam Maas Adhyay 25: व्रत उद्यापन विधि, श्रीमद्भागवत दान और गोलोक प्राप्ति का रहस्य

Purushottam Maas Adhyay 25 पुरुषोत्तम मास को भगवान श्रीकृष्ण का अत्यंत प्रिय मास माना गया है। इस पवित्र मास में किए गए जप, तप, दान, व्रत, कथा-श्रवण और भक्ति का फल अनंत गुना बढ़ जाता है। लेकिन शास्त्रों में बताया गया है कि किसी भी व्रत का वास्तविक और पूर्ण फल तभी प्राप्त होता है […]
Purushottam Maas Adhyay 24: एक दीपदान ने बदल दी किस्मत! पापी मणिग्रीव कैसे बना राजा चित्रबाहु?

Purushottam Maas Adhyay 24 पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा का चौबीसवाँ अध्याय भगवान श्रीहरि की कृपा, दीपदान की महिमा और सच्चे पश्चाताप की शक्ति को दर्शाने वाली अत्यंत प्रेरणादायक कथा है। इस अध्याय में अगस्त्य मुनि राजा चित्रबाहु को उनके पूर्व जन्म का रहस्य बताते हैं। यह कथा केवल एक व्यक्ति के जीवन परिवर्तन की कहानी […]