Utpanna Ekadashi Katha 2025: मुर दैत्य वध की दिव्य कथा
Utpanna Ekadashi Katha 2025: मुर दैत्य वध की दिव्य कथा उत्पन्ना एकादशी 2025 की तिथि, शुभ मुहूर्त, कथा, महत्व, व्रत […]
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Bhagavad Gita Chapter 5 Verse 25 लभन्ते ब्रह्मनिर्वाणमृषयः क्षीणकल्मषाः ।छिन्नद्वैधा यतात्मानः सर्वभूतहिते रताः ॥२५॥ जिनके शरीर, मन, बुद्धि और इन्द्रियाँ
कैसे समाप्त होते हैं हमारे राग-द्वेष और संशय? गीता देती है उत्तर Read Post »
Heart Chakra क्या है? इसका महत्व लक्षण मंत्र योग और ध्यान विधि जानिए हृदय चक्र (Heart Chakra) के संतुलन के
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Kaal Bhairav Jayanti 2025: तिथि महत्व पूजा विधि और कथा काल भैरव जयंती 2025 की तिथि, पूजा विधि, कथा और
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Bhagavad Gita Chapter 5 Verse 24 योऽन्तः सुखोऽन्तरारामस्तथान्तज्र्योतिरेव यः ।स योगी ब्रह्मनिर्वाणं ब्रह्मभूतोऽधिगच्छति ॥२४॥ जो व्यक्ति परमात्मा में ही प्रसन्न
Bhagavad Gita का रहस्य – क्या सच्चा सुख बाहर नहीं हमारे भीतर ही छिपा है? Read Post »
Bhagavad Gita Chapter 5 Verse 23 ‘शक्नोतीहैव यः सोढुं प्राक्शरीरविमोक्षणात् । कामक्रोधोद्भवं वेगं स युक्तः स सुखी नरः ॥२३॥ जो
भगवद् गीता में क्यों कहा गया है कि जो काम-क्रोध को सहन करता है वही योगी है? Read Post »
Bhagavad Gita Chapter 5 Verse 22 ये हि संस्पर्शजा भोगा दुःखयोनय एव ते। आद्यन्तवन्तः कौन्तेय न तेषु रमते बुधः ॥२२॥
Bhagavad Gita- क्या हर आनंद के पीछे छिपा है दुख का बीज? Read Post »
Utpanna Ekadashi 2025 : तिथि पूजन विधि व्रत का महत्व और पारण समय हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष
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Bhagavad Gita Chapter 5 Verse 21 बाह्यस्पर्शेष्वसक्तात्मा विन्दत्यात्मनि यत्सुखम् । स ब्रह्मयोगयुक्तात्मा सुखमक्षयमश्नुते ॥२१॥ अर्थात बाहरी संपर्क से मुक्त हृदय वाला
गीता के अनुसार स्थायी सुख कहाँ मिलता है – बाहर या भीतर? Read Post »
Guru Nanak Jayanti 2025 – गुरु नानक देव जी की जयंती 4 या 5 नवंबर को? जानें सही तारीख महत्व
Kartik Purnima 2025: कब है कार्तिक पूर्णिमा? जानें तिथि पूजन विधि देव दिवाली और धार्मिक महत्व कार्तिक पूर्णिमा हिन्दू पंचांग
Bhagavad Gita Chapter 5 Verse 20 न प्रहृष्येत्प्रियं प्राप्य नोद्विजेत्प्राप्य चाप्रियम् । स्थिरबुद्धिरसम्मूढो ब्रह्मविद् ब्रह्मणि स्थितः ॥२०॥ अर्थात भगवान कहते
प्रिय-अप्रिय में समानता रखने वाला ही सच्चा योगी क्यों कहलाता है? Read Post »