Mokshada Ekadashi 2025 : तिथि महत्व पूजा-विधि शुभ मुहूर्त और पारण समय

Mokshada Ekadashi 2025 : तिथि महत्व पूजा-विधि शुभ मुहूर्त और पारण समय मित्रों, मार्गशीर्ष मास की पवित्र और पुण्यमयी मोक्शदा एकादशी जल्द ही आने वाली है। मान्यता है कि यह दिन केवल उपवास का ही नहीं, बल्कि मोक्ष का द्वार खोलने वाला दिवस है। भगवान श्रीहरि की कृपा प्राप्त करने और पितरों की आत्मा को […]
Bhagavad Gita – क्या निष्काम कर्म से ही योग मिलता है?

Bhagavad Gita Chapter 6 Verse 3 आरुरुक्षोर्मुनेर्योगं कर्म कारणमुच्यते । योगारूढस्य तस्यैव ‘शमः कारणमुच्यते ॥३॥ जो ध्यान करने वाला योगी योग (समता) पाना चाहता है, उसके लिए अपने कर्तव्य करना ही साधन है, और उस योगी व्यक्ति की शांति (सम) परमात्मा को पाने का साधन है। Shrimad Bhagavad Gita Chapter 6 Verse 3 Meaning in […]
Vivah Panchami Katha 2025: श्रीराम–सीता विवाह की पवित्र कथा व्रत का महत्व और शुभ लाभ

Vivah Panchami Katha 2025: श्रीराम–सीता विवाह की पवित्र कथा व्रत का महत्व और शुभ लाभ भारत की सनातन परंपरा में विवाह पंचमी का दिन अत्यंत पवित्र माना गया है। यह वही शुभ तिथि है जब भगवान श्रीराम और माता सीता का दैविक विवाह संपन्न हुआ था। विवाह पंचमी 2025 इस वर्ष 25 नवंबर 2025 को […]
क्या हर रोज़ के तनाव से मुक्त होने का तरीका सिर्फ़ ‘आसक्ति त्याग’ है?

Bhagavad Gita Chapter 6 Verse 2 यं संन्यासमिति प्राहुर्योगं तं विद्धि पाण्डव । न ह्यसंन्यस्तसंकल्पो योगी भवति कश्चन ॥२॥ हे अर्जुन! जिसे लोग त्याग कहते हैं, उसे तुम योग समझो, क्योंकि इच्छाओं को त्यागे बिना कोई भी व्यक्ति किसी भी तरह से योगी नहीं बन सकता। Shrimad Bhagavad Gita Chapter 6 Verse 2 Meaning in […]
Laalo – Shree Krishna Sada Sahayate फिल्म की पूरी जानकारी: कास्ट स्टोरी रिव्यू और सुपरहिट बनने के पीछे के 5 रहस्य

Laalo – Shree Krishna Sada Sahayate फिल्म की पूरी जानकारी: कास्ट स्टोरी रिव्यू और सुपरहिट बनने के पीछे के 5 रहस्य अगर आप गुजराती सिनेमा के प्रशंसक हैं, तो आपने हाल ही में खूब चर्चा में रही इस फिल्म का नाम जरूर सुना होगा- “लालो – कृष्ण सदा सहायते” धीमी शुरुआत के बावजूद, यह फिल्म […]
क्या कर्म करते हुए अनासक्त रहना ही संन्यास कहलाता है?

Bhagavad Gita Chapter 6 Verse 1 श्रीभगवानुवाचअनाश्रितः कर्मफलं कार्य कर्म करोति यः । स संन्यासी च योगी च न निरग्निर्न चाक्रियः ॥१॥ भगवान ने कहा: जो अपने कर्मों के फल की चिंता किए बिना अपना कर्तव्य करता है, वह संन्यासी और योगी है, और जो सिर्फ़ अग्नि का त्याग करता है, वह संन्यासी नहीं बनता, […]
Vivah Panchami 2025: मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए करें ये चमत्कारी उपाय – सियाराम का विशेष आशीर्वाद

Vivah Panchami 2025: मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए करें ये चमत्कारी उपाय – सियाराम का विशेष आशीर्वाद विवाह पंचमी वह पवित्र तिथि है जब भगवान श्रीराम और माता सीता का दिव्य विवाह संपन्न हुआ था। हिंदू सनातन संस्कृति में यह दिन दांपत्य सुख, प्रेम, सामंजस्य और मर्यादा का प्रतीक माना जाता है। ऐसा माना जाता […]
गीता बताती है-ईश्वर ही मित्र रक्षक और हितैषी हैं-क्या हम मानते हैं?

Bhagavad Gita Chapter 5 Verse 29 भोक्तारं यज्ञतपसां सर्वलोकमहेश्वरम् ।सुहृदं सर्वभूतानां ज्ञात्वा मां शान्तिमृच्छति ॥२९॥ भक्त मुझे समस्त यज्ञों और तपों का भोक्ता, समस्त मनुष्यों का महान ईश्वर तथा समस्त प्राणियों का सुहृदं (निःस्वार्थ, दयालु और प्रेममय) जानकर शांति प्राप्त करता है। Shrimad Bhagavad Gita Chapter 5 Verse 29 Meaning in hindi क्या सभी अच्छे […]
Visualization Meditation क्या है? इसके फायदे और 3 शक्तिशाली टेकनीक

Visualization Meditation क्या है? इसके फायदे और 3 शक्तिशाली टेकनीक क्या आप मन की शांति, आत्मविश्वास और मानसिक ऊर्जा को बढ़ाना चाहते हैं?तो Visualization Meditation यानी कल्पनात्मक ध्यान आपके लिए एक बेहद शक्तिशाली आध्यात्मिक तकनीक साबित हो सकती है। यह ध्यान सिर्फ मन को शांत नहीं करता, बल्कि आपकी कल्पनाशक्ति, लक्ष्य-साधना और भावनात्मक संतुलन — […]
Bhagavad Gita – क्या इच्छा भय और क्रोध से मुक्त होकर ही मिलता है सच्चा मोक्ष?

Bhagavad Gita Chapter 5 Verse 27 28 स्पर्शान्कृत्वा बहिर्बाह्यांश्चक्षुश्चैवान्तरे भुवोः । प्राणापानौ समौ कृत्वा नासाभ्यन्तरचारिणौ ॥२७॥यतेन्द्रियमनोबुद्धिर्मुनिर्मोक्षपरायणः विगतेच्छाभयक्रोधो यः सदा मुक्त एव सः ॥२८॥ अर्थात भगवान कहते हैं, बाह्य विषयों को बाहर ही छोड़कर, दोनों भ्रामरी के बीच में दृष्टि को स्थिर करके, तथा नासिका में श्वास और निःश्वास वायु को संतुलित करके, जिसकी इन्द्रियाँ, मन […]
मन पर विजय पाकर ब्रह्मनिर्वाण कैसे प्राप्त किया जा सकता है?

Bhagavad Gita Chapter 5 Verse 26 कामक्रोधवियुक्तानां यतीनां यतचेतसाम् । अभितो ब्रह्मनिर्वाणं वर्तते विदितात्मनाम् ॥२६॥ जो सांख्य योगी वासना से पूर्णतया मुक्त हैं, जिन्होंने मन पर विजय प्राप्त कर ली है, तथा जिन्होंने अपने स्वरूप का साक्षात्कार कर लिया है, उनके लिए निर्वाण पूर्ण है, शरीर में रहते हुए भी तथा शरीर छोड़ने के बाद […]
Utpanna Ekadashi Katha 2025: मुर दैत्य वध की दिव्य कथा

Utpanna Ekadashi Katha 2025: मुर दैत्य वध की दिव्य कथा उत्पन्ना एकादशी 2025 की तिथि, शुभ मुहूर्त, कथा, महत्व, व्रत विधि और भगवान विष्णु की योगमाया देवी के प्राकट्य की दिव्य कथा जानें। यह एकादशी सभी पापों का नाश करती है और मोक्ष प्रदान करती है। उत्पन्ना एकादशी क्या है? हिंदू धर्म में एकादशी व्रत […]