क्या कायरता धर्म स्वर्ग और यश से वंचित कर सकती है?
Bhagavad Gita Chapter 2 Shloka 2 श्रीभगवानुवाच |कुतस्त्वा कश्मलमिदं विषमे समुपस्थितम् |अनार्यजुष्टमस्वर्ग्यमकीर्तिकरमर्जुन || 2 || अर्थात श्री भगवान बोले – […]
क्या कायरता धर्म स्वर्ग और यश से वंचित कर सकती है? Read Post »













