क्या यह वह वर्ष है जब मकर राशि वाले अंततः अपने सपनों तक पहुंचेंगे?
मकर राशि 10वीं राशि है जिसे वैदिक ज्योतिष में मकर कहा जाता है, यह एक पौराणिक प्राणी है जिसका शरीर […]
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मकर राशि 10वीं राशि है जिसे वैदिक ज्योतिष में मकर कहा जाता है, यह एक पौराणिक प्राणी है जिसका शरीर […]
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परिचय करणी माता मंदिर राजस्थान के बीकानेर जिले के देशनोक कस्बे में स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है।यह करणी माता
करणी माता मंदिर, बीकानेर: एक अद्भुत धार्मिक स्थल Read Post »
Bhagavad Gita Chapter 1 Shloka 9 अन्ये च बहव: शूरा मदर्थे त्यक्तजीविता: |नानाशस्त्रप्रहरणा: सर्वे युद्धविशारदा: || 9 || अर्थात दुर्योधन
कौन थे वे शूरवीर जिन्होंने दुर्योधन के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया? Read Post »
धनु राशि क्या है? वैदिक ज्योतिष में धनु राशि को अंग्रेजी में धनुष या धनुष कहा जाता है। धनु राशि
अपनी साहसिक भावना को उजागर करें: धनु राशि की साहसिक ऊर्जा Read Post »
Bhagavad Gita Chapter 1 Shloka 8 भवान्भीष्मश्च कर्णश्च कृपश्च समितिञ्जय: |अश्वत्थामा विकर्णश्च सौमदत्तिस्तथैव च || 8 || अर्थात दुर्योधन द्रोणाचार्य
महाभारत युद्ध में दुर्योधन की सबसे बडी ताकत कौन थे? जानिए इन महायोद्धाओं की कहानी Read Post »
Bhagavad Gita Chapter 1 Shloka 7 अस्माकं तु विशिष्टा ये तान्निबोध द्विजोत्तम |नायका मम सैन्यस्य संज्ञार्थं तान्ब्रवीमि ते || 7||
क्या दुर्योधन का आत्मविश्वास वास्तविक था या मात्र एक छलावा? Read Post »
सालासर बालाजी मंदिर की उत्पत्ति की कथा- भारत में कई प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हैं, जो आस्था और भक्ति का प्रतीक
सालासर बालाजी: एक दिव्य स्थल का परिचय Read Post »
Bhagavad Gita Chapter 1 Shloka 4 5 6 अत्र शूरा महेष्वासा भीमार्जुनसमा युधियुयुधानो विराटश्च द्रुपदश्च महारथ: || 4 ||धृष्टकेतुश्चेकितान: काशिराजश्च
महाभारत युद्ध में पांडवों की ताकत कौन थे? जानिए वीर योद्धाओं के नाम Read Post »
वृश्चिक राशि चक्र की 8वीं राशि है। वृश्चिक का वैदिक नाम वृश्चिक है जिसका अर्थ है बिच्छू। राशि चक्र के
वृश्चिक राशि की गहरी बातें: जानिए इनकी ताकत और कमजोरियां! Read Post »
Kainchi Dham एक विश्व पहचान – उत्तराखंड को देवो की भूमि देवभूमि कहा जाता है, जहां हर स्थान किसी न
Kainchi Dham उत्तराखंड: एक दिव्य आध्यात्मिक स्थल की अद्भुत यात्रा Read Post »
Bhagavad Gita Chapter 1 Shloka 3 पश्यैतां पाण्डुपुत्राणामाचार्य महतीं चमूम् ।व्यूढां द्रुपदपुत्रेण तव शिष्येण धीमता ।। 3।। अर्थात दुर्योधन गुरु
दुर्योधन ने गुरुद्वाराचार्य को पांडवों की सेना के बारे में क्या बताया? Read Post »
सञ्जय उवाच । दृष्ट्वा तु पाण्डवानीकं व्यूढं दुर्योधनस्तदा । आचार्यमुपसङ्गम्य राजा वचनमब्रवीत् ।। 2।। अर्थात संजय ने कहा उस समय
क्यों युद्ध से पहले दुर्योधन गया द्रोणाचार्य के पास? Read Post »