Kamada Ekadashi 2026: कब है व्रत जानें ललित-ललिता की चमत्कारी कथा और पापों से मुक्ति का रहस्य

Kamada Ekadashi 2026

Kamada Ekadashi 2026

कामदा एकादशी 2026 कब है?

चैत्र मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली कामदा एकादशी का व्रत इस वर्ष 29 मार्च 2026 को रखा जाएगा। यह एकादशी चैत्र नवरात्रि के बाद आती है और अत्यंत पुण्यदायक मानी जाती है।

कामदा एकादशी का महत्व

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस व्रत का महत्व स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को बताया था।

  • यह व्रत सभी पापों का नाश करता है
  • मनोकामनाओं की पूर्ति करता है
  • पिशाच योनि और श्राप से मुक्ति दिलाता है
  • व्रत का फल वाजपेय यज्ञ के समान माना जाता है

यह एकादशी पाप रूपी ईंधन को जलाने वाली अग्नि के समान है

कामदा एकादशी व्रत कथा (ललित और ललिता की कहानी)

प्राचीन समय में भोगीपुर नामक नगर में राजा पुंडरीक का राज्य था। वह राजा अत्यंत भोग-विलासी था और प्रजा की ओर ध्यान नहीं देता था।

उसी राज्य में ललित और ललिता नामक एक दंपत्ति रहते थे। ललित राजा के दरबार में गायक था और अपनी पत्नी से बहुत प्रेम करता था।

श्राप की घटना

एक दिन दरबार में गाते समय ललित का ध्यान अपनी पत्नी की ओर चला गया, जिससे उसका स्वर बिगड़ गया। यह देखकर राजा क्रोधित हो गया और उसने ललित को राक्षस बनने का श्राप दे दिया।

श्राप के कारण ललित भयंकर रूप वाला राक्षस बन गया। यह देखकर ललिता अत्यंत दुखी हो गई और अपने पति के उद्धार के लिए भटकने लगी।

ऋषि का उपदेश

वन में भटकते-भटकते ललिता को ऋषि वशिष्ठ के समान एक महान मुनि का आश्रम मिला। उसने मुनि से अपने पति को श्राप से मुक्त करने का उपाय पूछा।

ऋषि ने कहा:
“चैत्र शुक्ल पक्ष की कामदा एकादशी का व्रत करो और उसका पुण्य अपने पति को समर्पित कर दो।”

व्रत का चमत्कार

ललिता ने पूरी श्रद्धा से व्रत किया और द्वादशी के दिन भगवान विष्णु से प्रार्थना की—

“इस व्रत के पुण्य से मेरे पति का राक्षस रूप समाप्त हो जाए।”

जैसे ही उसने यह प्रार्थना की, ललित का श्राप समाप्त हो गया और वह अपने सुंदर दिव्य रूप में लौट आया। दोनों पति-पत्नी पुनः सुखपूर्वक जीवन जीने लगे।

कामदा एकादशी व्रत विधि

  1. प्रातः जल्दी उठकर स्नान करें
  2. व्रत का संकल्प लें
  3. भगवान विष्णु की पूजा करें
  4. फलाहार या निर्जला व्रत रखें
  5. विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें
  6. द्वादशी के दिन व्रत पारण करें

कामदा एकादशी का आध्यात्मिक लाभ

  • सभी प्रकार के पापों से मुक्ति
  • बुरे कर्मों का नाश
  • दांपत्य जीवन में सुख
  • मानसिक शांति और समृद्धि
  • मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग

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FAQs

कामदा एकादशी का व्रत किसके लिए करना चाहिए?

यह व्रत हर व्यक्ति को करना चाहिए, विशेषकर जो अपने पापों से मुक्ति और सुख-समृद्धि चाहते हैं।

 क्या इस व्रत से श्राप भी दूर हो सकता है?

 हाँ, पौराणिक कथा के अनुसार यह व्रत श्राप और पिशाच योनि से भी मुक्ति दिलाता है।

व्रत का पारण कब करना चाहिए?

द्वादशी तिथि के दिन प्रातः या शुभ मुहूर्त में पारण करना चाहिए।

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