Apara Ekadashi 2026 Date: अपरा एकादशी कब है? सही व्रत दिन, मुहूर्त और पारण टाइम जानें

Apara Ekadashi 2026 Date

Apara Ekadashi 2026 Date

सनातन धर्म में ज्येष्ठ मास को अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है। यह महीना भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी को विशेष रूप से समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी माह में हनुमान जी की पहली भेंट भगवान श्रीराम से हुई थी, जिसके कारण इस महीने का महत्व और भी बढ़ जाता है। ज्येष्ठ मास के प्रत्येक मंगलवार को राम परिवार सहित हनुमान जी की पूजा करने का विशेष विधान बताया गया है। भक्त इस दिन व्रत रखते हैं, सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना करते हैं।

इसी पवित्र ज्येष्ठ माह में अपरा एकादशी का व्रत भी रखा जाता है, जिसे अत्यंत पुण्यदायी और पापों का नाश करने वाला व्रत माना गया है। इस दिन भगवान विष्णु के लक्ष्मी नारायण स्वरूप की पूजा की जाती है। शास्त्रों में बताया गया है कि अपरा एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति को अश्वमेध यज्ञ के समान फल की प्राप्ति होती है और उसके सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। यह व्रत आत्मशुद्धि, संयम और भक्ति का प्रतीक है, जो साधक को आध्यात्मिक उन्नति की ओर ले जाता है।

Apara Ekadashi 2026 Date: अपरा एकादशी कब है?

साल 2026 में ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 12 मई को दोपहर 02 बजकर 52 मिनट से प्रारंभ होकर 13 मई को दोपहर 01 बजकर 29 मिनट तक रहेगी। हिंदू पंचांग में व्रत और त्योहारों की गणना उदया तिथि के आधार पर की जाती है, इसलिए अपरा एकादशी का व्रत 13 मई 2026, बुधवार के दिन रखा जाएगा। इस दिन भक्त पूरे नियम और श्रद्धा के साथ उपवास रखते हैं और भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करते हैं।

Apara Ekadashi Shubh Muhurat 2026: शुभ मुहूर्त

अपरा एकादशी के दिन पूजा और व्रत का सही समय जानना बेहद महत्वपूर्ण होता है। एकादशी तिथि का प्रारंभ 12 मई को दोपहर 02:52 बजे से होगा और इसका समापन 13 मई को दोपहर 01:29 बजे होगा। उदया तिथि के अनुसार 13 मई को व्रत करना सर्वश्रेष्ठ माना गया है। इस दिन प्रातःकाल स्नान करके व्रत का संकल्प लेना चाहिए और दिनभर भगवान विष्णु का ध्यान, मंत्र जप और भजन-कीर्तन करना चाहिए।

Apara Ekadashi Paran Time 2026: पारण का समय

एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि पर किया जाता है, जो इस व्रत का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। वर्ष 2026 में अपरा एकादशी का पारण 14 मई को सुबह 05 बजकर 31 मिनट से लेकर 08 बजकर 14 मिनट के बीच करना शुभ रहेगा। इस दौरान व्रती को स्नान-ध्यान कर विधिपूर्वक भगवान लक्ष्मी नारायण की पूजा करनी चाहिए और फिर ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान देकर व्रत खोलना चाहिए। सही समय पर पारण करने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।

Apara Ekadashi 2026 Shubh Yog: शुभ संयोग

इस वर्ष अपरा एकादशी पर कई शुभ योग बन रहे हैं, जो इस दिन की महत्ता को और बढ़ा देते हैं। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस दिन शिववास का विशेष संयोग रहेगा, जो अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके साथ ही उत्तर भाद्रपद नक्षत्र का प्रभाव भी रहेगा। इन दुर्लभ योगों में भगवान विष्णु की पूजा करने से साधक को कई गुना अधिक पुण्य फल की प्राप्ति होती है और जीवन के सभी दुख-दर्द दूर होते हैं।

अपरा एकादशी व्रत का महत्व

अपरा एकादशी को “अपराधों का नाश करने वाली एकादशी” भी कहा जाता है। शास्त्रों में वर्णन मिलता है कि इस दिन व्रत रखने से व्यक्ति के जाने-अनजाने में किए गए सभी पाप समाप्त हो जाते हैं। यह व्रत व्यक्ति को मानसिक शांति, आत्मबल और आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता है। जो व्यक्ति सच्चे मन से इस व्रत का पालन करता है, उसे जीवन में सफलता, यश और समृद्धि प्राप्त होती है।

अपरा एकादशी व्रत विधि

अपरा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र के सामने दीप जलाकर व्रत का संकल्प लें। पूरे दिन फलाहार या निर्जल व्रत रखा जा सकता है। भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें, विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें और भक्ति भाव से पूजा करें। रात में जागरण और भजन-कीर्तन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।

अपरा एकादशी 2026 का यह पावन पर्व भक्तों के लिए आत्मशुद्धि, भक्ति और साधना का अद्भुत अवसर लेकर आता है। इस दिन व्रत, पूजा और दान-पुण्य करने से व्यक्ति को न केवल आध्यात्मिक लाभ मिलता है, बल्कि जीवन में सुख, शांति और समृद्धि भी प्राप्त होती है। यदि आप भी अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन चाहते हैं, तो अपरा एकादशी के इस शुभ अवसर को अवश्य अपनाएं और विधिपूर्वक व्रत एवं पूजा करें।

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