क्या सबमें समान परमात्मा को देखना ही सच्ची समता है? – श्रीकृष्ण की शिक्षा
Bhagavad Gita Chapter 5 Verse 18 विद्याविनयसम्पन्ने ब्राह्मणे गवि हस्तिनि । शुनि चैव श्वपाके च पण्डिताः समदर्शिनः ॥१८॥ अर्थात भगवान […]
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