क्या बीज की तरह हर पल बदलता है हमारा शरीर?
Bhagavad Gita Chapter 2 Shloka 25 26 अव्यक्तोऽयमचिन्त्योऽयमविकार्योऽयमुच्यते |तस्मादेवं विदित्वैनं नानुशोचितुमर्हसि || 25 ||अथ चैनं नित्यजातं नित्यं वा मन्यसे मृतम् […]
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